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/Physics (SSC, Railway, Police & All State exam)/Chapter 9
Physics (SSC, Railway, Police & All State exam)Chapter Unit

प्रकाश (Light)

प्रकाश का परिचय:

प्रकाश एक विद्युत चुंबकीय तरंग है, जो ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है। यह ऊर्जा का ऐसा रूप है जिसे मनुष्य की आंखों से देखा जा सकता है। प्रकाश की गति निर्वात में 3×108 m/s3 \times 10^8 \, \text{m/s}3×108m/s होती है।


प्रकाश की प्रकृति:

  1. कण सिद्धांत (Particle Theory):

    • सर आइजैक न्यूटन के अनुसार, प्रकाश छोटे कणों से बना है, जिन्हें कॉर्पस्कुल्स कहा जाता है।
    • यह सिद्धांत परावर्तन और अपवर्तन को समझाने में सहायक है।
  2. तरंग सिद्धांत (Wave Theory):

    • क्रिश्चियन हाइजेन्स के अनुसार, प्रकाश एक तरंग है।
    • यह सिद्धांत व्यतिकरण और विवर्तन को समझाने में सहायक है।
  3. क्वांटम सिद्धांत (Quantum Theory):

    • मैक्स प्लांक और आइंस्टीन के अनुसार, प्रकाश ऊर्जा के पैकेट (फोटॉन) के रूप में यात्रा करता है।
    • यह सिद्धांत फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव को समझाने में सहायक है।

प्रकाश की विशेषताएँ:

  1. रेखीय प्रसार (Rectilinear Propagation):

    • प्रकाश सीधी रेखा में यात्रा करता है।
    • उदाहरण: छाया का निर्माण।
  2. परावर्तन (Reflection):

    • जब प्रकाश किसी सतह से टकराकर लौटता है।
    • परावर्तन के नियम:
      • आपतन कोण (θi\theta_iθi​) = परावर्तन कोण (θr\theta_rθr​)।
      • आपतन किरण, परावर्तन किरण, और अभिलंब एक ही समतल में होते हैं।
  3. अपवर्तन (Refraction):

    • जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है और दिशा बदलता है।
    • स्नेल का नियम: sin⁡isin⁡r=n2n1\frac{\sin i}{\sin r} = \frac{n_2}{n_1}sinrsini​=n1​n2​​
      • n1,n2n_1, n_2n1​,n2​: माध्यम के अपवर्तनांक
      • iii: आपतन कोण
      • rrr: अपवर्तन कोण
  4. विवर्तन (Diffraction):

    • जब प्रकाश एक संकीर्ण छिद्र से गुजरता है और फैलता है।
  5. व्यतिकरण (Interference):

    • जब दो प्रकाश तरंगें मिलती हैं, तो वे सुदृढ़ (constructive) या कमजोर (destructive) पैटर्न बनाती हैं।
  6. ध्रुवण (Polarization):

    • प्रकाश तरंगों को एक ही दिशा में कंपन करने तक सीमित करना।

प्रकाश की गति:

माध्यमगति (vvv)
निर्वात3×108 m/s3 \times 10^8 \, \text{m/s}3×108m/s
वायु3×108 m/s3 \times 10^8 \, \text{m/s}3×108m/s
जल2.25×108 m/s2.25 \times 10^8 \, \text{m/s}2.25×108m/s
कांच2×108 m/s2 \times 10^8 \, \text{m/s}2×108m/s

परावर्तन के प्रकार:

  1. समतल परावर्तन (Regular Reflection):

    • जब प्रकाश चिकनी सतह से परावर्तित होता है।
    • उदाहरण: दर्पण।
  2. असमतल परावर्तन (Irregular Reflection):

    • जब प्रकाश खुरदरी सतह से परावर्तित होता है।
    • उदाहरण: दीवार।

परावर्तन का दैनिक जीवन में उपयोग:

  1. दर्पण:
    • छवि निर्माण के लिए।
  2. परावर्तक (Reflectors):
    • वाहनों और सड़कों पर।
  3. प्रकाश पथदर्शक (Light Guides):
    • प्रकाश को नियंत्रित दिशाओं में ले जाने के लिए।

प्रकाश का स्पेक्ट्रम:

  1. दृश्य प्रकाश (Visible Light):

    • 400 nm400 \, \text{nm}400nm से 700 nm700 \, \text{nm}700nm तक की तरंगदैर्घ्य।
    • इसमें सात रंग होते हैं: बैंगनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
  2. अदृश्य प्रकाश (Invisible Light):

    • पराबैंगनी किरणें (Ultraviolet Rays):
      • त्वचा और हड्डियों पर प्रभाव।
    • इन्फ्रारेड किरणें (Infrared Rays):
      • गर्मी का संचार।

अपवर्तन (Refraction)

परिभाषा:

जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है, तो उसकी गति और दिशा दोनों बदल जाती हैं। इस घटना को अपवर्तन कहते हैं।

अपवर्तन के नियम:
  1. आपतन किरण, अपवर्तन किरण, और अभिलंब एक ही समतल में होते हैं।
  2. स्नेल का नियम: sin⁡isin⁡r=v1v2=n2n1\frac{\sin i}{\sin r} = \frac{v_1}{v_2} = \frac{n_2}{n_1}sinrsini​=v2​v1​​=n1​n2​​
    • iii: आपतन कोण
    • rrr: अपवर्तन कोण
    • n1,n2n_1, n_2n1​,n2​: माध्यम के अपवर्तनांक
    • v1,v2v_1, v_2v1​,v2​: माध्यम में प्रकाश की गति
अपवर्तनांक (Refractive Index):
  • परिभाषा: किसी माध्यम में प्रकाश की गति और निर्वात में प्रकाश की गति का अनुपात। n=cvn = \frac{c}{v}n=vc​
    • nnn: अपवर्तनांक
    • ccc: निर्वात में प्रकाश की गति
    • vvv: माध्यम में प्रकाश की गति
पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection):

जब प्रकाश एक सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करता है और आपतन कोण, क्रांतिक कोण (θc\theta_cθc​) से अधिक होता है, तो प्रकाश पूरी तरह से वापस परावर्तित हो जाता है।

  • क्रांतिक कोण का सूत्र: sin⁡θc=n2n1\sin \theta_c = \frac{n_2}{n_1}sinθc​=n1​n2​​

लेंस (Lens):

लेंस के प्रकार:
  1. उत्तल लेंस (Convex Lens):

    • मोटा केंद्र और पतले किनारे।
    • प्रकाश को केंद्र की ओर अभिसारित करता है।
    • उपयोग: आवर्धक काँच, कैमरा लेंस।
  2. अवतल लेंस (Concave Lens):

    • पतला केंद्र और मोटे किनारे।
    • प्रकाश को बाहर की ओर अपसारित करता है।
    • उपयोग: चश्मे के लिए।
लेंस का सूत्र:
1f=1v−1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}f1​=v1​−u1​
  • fff: लेंस की फोकस दूरी
  • vvv: छवि की दूरी
  • uuu: वस्तु की दूरी

प्रकाश की अन्य घटनाएँ:

  1. विवर्तन (Diffraction):

    • जब प्रकाश संकीर्ण छिद्र या अवरोध से गुजरता है और फैलता है।
    • यह घटना तरंगों की प्रकृति को सिद्ध करती है।
  2. व्यतिकरण (Interference):

    • जब दो प्रकाश तरंगें मिलती हैं और वे एक दूसरे को सुदृढ़ या कमजोर करती हैं।
    • उदाहरण: साबुन की झिल्ली पर रंगीन पैटर्न।
  3. ध्रुवण (Polarization):

    • प्रकाश तरंगों को एक ही दिशा में कंपन करने तक सीमित करना।
    • उपयोग: ध्रुवित चश्मे में।

प्रकाश का विभेदन (Dispersion of Light):

परिभाषा:

जब सफेद प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो यह विभिन्न रंगों में विभाजित हो जाता है। इसे विभेदन कहते हैं।

कारण:
  • प्रकाश के विभिन्न रंगों की भिन्न-भिन्न तरंगदैर्घ्य होती है।
  • लाल रंग की तरंगदैर्घ्य सबसे बड़ी और बैंगनी रंग की सबसे छोटी होती है।
विभेदन का उदाहरण:
  1. इंद्रधनुष (Rainbow):
    • जल की बूँदों में प्रकाश का विभाजन।
  2. प्रिज्म:
    • सफेद प्रकाश को रंगीन स्पेक्ट्रम में विभाजित करता है।

प्रकाश और दर्पण:

दर्पण के प्रकार:
  1. समतल दर्पण (Plane Mirror):

    • समतल सतह जो प्रकाश को परावर्तित करती है।
    • छवि:
      • आभासी (Virtual)
      • सीधी (Erect)
      • समान आकार की।
  2. अवतल दर्पण (Concave Mirror):

    • अंदर की ओर घुमावदार सतह।
    • उपयोग: टेलीस्कोप, मेकअप मिरर।
  3. उत्तल दर्पण (Convex Mirror):

    • बाहर की ओर घुमावदार सतह।
    • उपयोग: वाहन के पीछे देखने वाले दर्पण।
दर्पण का सूत्र:
1f=1v+1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}f1​=v1​+u1​

प्रकाश के दैनिक जीवन में उपयोग:

  1. चश्मा और लेंस:
    • दृष्टि दोष को ठीक करने में।
  2. कैमरा और दूरबीन:
    • छवि निर्माण और आवर्धन।
  3. संचार:
    • ऑप्टिकल फाइबर में।

प्रकाश से संबंधित महत्वपूर्ण सूत्र:

घटनासूत्रविवरण
अपवर्तनांकn=cvn = \frac{c}{v}n=vc​माध्यम में प्रकाश की गति।
लेंस का सूत्र1f=1v−1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}f1​=v1​−u1​लेंस की फोकल लंबाई।
दर्पण का सूत्र1f=1v+1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}f1​=v1​+u1​दर्पण की फोकल लंबाई।

प्रकाश की घटनाओं के व्यावहारिक उपयोग:

  1. परावर्तन (Reflection):

    • दर्पण और परावर्तक (Mirrors and Reflectors):
      • वाहनों के पीछे देखने वाले दर्पण और सड़कों पर परावर्तक।
    • प्रकाशिकी उपकरण (Optical Devices):
      • दूरबीन और कैमरे में परावर्तन का उपयोग।
  2. अपवर्तन (Refraction):

    • चश्मा (Glasses):
      • दृष्टि दोष जैसे निकट दृष्टि दोष (Myopia) और दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) को ठीक करने में।
    • लेंस का उपयोग:
      • माइक्रोस्कोप, टेलीस्कोप और कैमरे में।
    • प्रिज्म:
      • सफेद प्रकाश का विभेदन।
  3. विवर्तन (Diffraction):

    • विज्ञान और अनुसंधान में:
      • एक्स-रे विवर्तन का उपयोग क्रिस्टल संरचना को समझने में।
    • ध्वनि तरंगों का अध्ययन:
      • ध्वनि और तरंगों के फैलने की प्रक्रिया।
  4. व्यतिकरण (Interference):

    • साबुन की झिल्ली:
      • रंगीन पैटर्न।
    • थिन फिल्म इंटरफेरेंस:
      • तेल की सतह पर चमक।
  5. ध्रुवण (Polarization):

    • ध्रुवित चश्मा:
      • धूप से बचाव के लिए।
    • फोटोग्राफी:
      • प्रतिबिंब कम करने के लिए।

इंद्रधनुष (Rainbow) का निर्माण:

  1. प्रक्रिया:

    • सूर्य का प्रकाश जल की बूँदों में प्रवेश करता है।
    • प्रकाश अपवर्तित होता है, विभेदित होता है और परावर्तित होकर बाहर निकलता है।
  2. मुख्य घटनाएँ:

    • अपवर्तन, विभेदन और परावर्तन।
  3. रंगों का क्रम:

    • बैंगनी (Violet) से लाल (Red) तक।

ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber):

परिभाषा:

एक पतली काँच या प्लास्टिक की नली जो प्रकाश को अंदर से परावर्तन के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है।

सिद्धांत:
  • पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection).
उपयोग:
  1. संचार:
    • इंटरनेट और डेटा ट्रांसफर।
  2. मेडिकल:
    • एंडोस्कोपी में।
  3. उद्योग:
    • सेंसर और लाइट गाइड के रूप में।

प्रकाश और ऊर्जा:

  1. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव (Photoelectric Effect):

    • जब प्रकाश किसी धातु की सतह पर पड़ता है, तो वह इलेक्ट्रॉनों को उत्सर्जित करता है।
    • प्रयोग:
      • ऊर्जा (EEE): E=h⋅fE = h \cdot fE=h⋅f
        • hhh: प्लांक का स्थिरांक (6.626×10−34 Js6.626 \times 10^{-34} \, \text{Js}6.626×10−34Js)
        • fff: प्रकाश की आवृत्ति।
  2. सौर ऊर्जा (Solar Energy):

    • सौर पैनल में फोटोवोल्टिक कोशिकाओं द्वारा प्रकाश ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में रूपांतरण।

प्रकाश और आधुनिक तकनीक:

  1. लेजर (Laser):

    • परिभाषा: प्रकाश का अत्यधिक केंद्रित रूप।
    • उपयोग:
      • मेडिकल सर्जरी, सीडी/डीवीडी रीडर, और रक्षा में।
    • पूर्ण रूप:
      • Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation।
  2. होलोग्राफी (Holography):

    • तीन-आयामी छवियाँ बनाने की तकनीक।
    • लेजर प्रकाश का उपयोग।

प्रकाश से संबंधित प्रमुख सूत्र और सारांश:

घटनासूत्रउपयोग
अपवर्तनांकn=cvn = \frac{c}{v}n=vc​प्रकाश की गति का अध्ययन।
लेंस का सूत्र1f=1v−1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} - \frac{1}{u}f1​=v1​−u1​लेंस की फोकस दूरी।
दर्पण का सूत्र1f=1v+1u\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}f1​=v1​+u1​दर्पण की फोकस दूरी।
फोटोइलेक्ट्रिक ऊर्जाE=h⋅fE = h \cdot fE=h⋅fफोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव और सौर ऊर्जा।

प्रकाश के दैनिक जीवन में उपयोग:

  1. दृष्टि:
    • वस्तुओं को देखने के लिए।
  2. संचार:
    • ऑप्टिकल फाइबर और लेजर तकनीक।
  3. औद्योगिक उपयोग:
    • सटीक मापन उपकरण, कटिंग और वेल्डिंग।
  4. मेडिकल:
    • लेजर सर्जरी, एंडोस्कोपी।
  5. ऊर्जा:
    • सौर पैनल और फोटोवोल्टिक उपकरण।

निष्कर्ष:

प्रकाश विज्ञान और तकनीकी प्रगति का आधार है। इसकी घटनाएँ जैसे परावर्तन, अपवर्तन, और विभेदन न केवल प्राकृतिक घटनाओं को समझने में मदद करती हैं, बल्कि दैनिक जीवन और आधुनिक प्रौद्योगिकी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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