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Physics (SSC, Railway, Police & All State exam)Chapter Unit

ऊष्मा (Heat)

ऊष्मा का परिचय:

ऊष्मा वह ऊर्जा है जो तापमान के अंतर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित होती है। यह ऊर्जा का एक रूप है, जो कणों की गतिज ऊर्जा पर आधारित होती है। ऊष्मा का अध्ययन थर्मोडायनामिक्स (Thermodynamics) के अंतर्गत किया जाता है।


ऊष्मा और ताप का अंतर:

विशेषताऊष्मा (Heat)ताप (Temperature)
परिभाषाऊष्मा वह ऊर्जा है जो तापमान के अंतर के कारण स्थानांतरित होती है।ताप पदार्थ के कणों की औसत गतिज ऊर्जा का मापन है।
SI इकाईजूल (Joule)केल्विन (Kelvin) या डिग्री सेल्सियस (°C)
प्रकारऊर्जा का रूपऊष्मा के मापन का पैमाना

ऊष्मा के स्थानांतरण के प्रकार:

  1. चालन (Conduction):

    • ठोसों में ऊष्मा का स्थानांतरण, कणों के कंपन के माध्यम से होता है।
    • उदाहरण: गर्म तवे पर रखी हुई चम्मच गर्म हो जाती है।
  2. संवहन (Convection):

    • तरल और गैसों में ऊष्मा का स्थानांतरण, कणों की गति के माध्यम से होता है।
    • उदाहरण: पानी को गर्म करने पर गर्म पानी ऊपर और ठंडा पानी नीचे आना।
  3. विकिरण (Radiation):

    • ऊष्मा का स्थानांतरण बिना किसी माध्यम के, विद्युत चुंबकीय तरंगों के रूप में होता है।
    • उदाहरण: सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा का आना।

ऊष्मा का मात्रक और सूत्र:

  1. SI इकाई:
    • ऊष्मा की SI इकाई जूल (( J )) है।
    • अन्य इकाई: कैलोरी (cal):
    • 1 cal= 4.184J
  2. ऊष्मा का सूत्र: Q=m⋅c⋅ΔT

जहाँ:

  • ( Q ): ऊष्मा (Heat)
  • ( m ): द्रव्यमान (Mass)
  • ( c ): विशिष्ट ऊष्मा धारिता (Specific Heat Capacity)
  • ( ΔT): तापमान में परिवर्तन

विशिष्ट ऊष्मा धारिता (Specific Heat Capacity):

परिभाषा:
  • वह ऊष्मा की मात्रा जो किसी पदार्थ के 1 किलोग्राम द्रव्यमान का तापमान 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक होती है।
SI इकाई:
  • ( J , kg^{-1} , K^{-1} )
उदाहरण:
  • जल की विशिष्ट ऊष्मा धारिता ( 4186 , J , kg^{-1} , K^{-1} ) होती है।

ऊष्मा के प्रभाव:

  1. तापमान में वृद्धि:

    • ऊष्मा की आपूर्ति से पदार्थ के तापमान में वृद्धि होती है।
  2. स्थिति परिवर्तन (Change of State):

    • ठोस → द्रव → गैस: ऊष्मा को अवशोषित किया जाता है।
    • गैस → द्रव → ठोस: ऊष्मा को छोड़ा जाता है।
  3. विस्तार (Expansion):

    • ऊष्मा देने पर पदार्थ का आयतन बढ़ता है।

ऊष्मा और स्थिति परिवर्तन (Heat and Change of State)

जब किसी पदार्थ को ऊष्मा दी जाती है, तो वह स्थिति (State) में परिवर्तन कर सकता है। यह परिवर्तन ऊष्मा के अवशोषण या विमोचन के कारण होता है।

स्थिति परिवर्तन के प्रकार:
  1. गलन (Melting):

    • ठोस से द्रव में परिवर्तन।
    • उदाहरण: बर्फ का पानी में बदलना।
    • गलन बिंदु: वह तापमान जिस पर ठोस द्रव में परिवर्तित होता है।
  2. वाष्पीकरण (Evaporation):

    • द्रव से गैस में परिवर्तन।
    • उदाहरण: पानी का भाप में बदलना।
    • वाष्पीकरण बिंदु: वह तापमान जिस पर द्रव गैस में परिवर्तित होता है।
  3. संपुष्टि (Condensation):

    • गैस से द्रव में परिवर्तन।
    • उदाहरण: भाप का पानी में बदलना।
  4. उच्चाटन (Sublimation):

    • ठोस से सीधे गैस में परिवर्तन (बिना द्रव चरण के)।
    • उदाहरण: कपूर या सूखी बर्फ का गैस में बदलना।
  5. घनीकरण (Freezing):

    • द्रव से ठोस में परिवर्तन।
    • उदाहरण: पानी का बर्फ में जमना।

गुप्त ऊष्मा (Latent Heat):
  • वह ऊष्मा जो पदार्थ की स्थिति को बदलने के लिए उपयोग होती है, बिना तापमान को बदले।
गुप्त ऊष्मा के प्रकार:
  1. गलन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Fusion):

    • ठोस से द्रव में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा।
    • उदाहरण: बर्फ से पानी में।
  2. वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporization):

    • द्रव से गैस में परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊष्मा।
    • उदाहरण: पानी से भाप में।
गुप्त ऊष्मा का सूत्र:
Q=m⋅LQ = m \cdot LQ=m⋅L

जहाँ:

  • QQQ: ऊष्मा (Heat)
  • mmm: द्रव्यमान (Mass)
  • LLL: गुप्त ऊष्मा (Latent Heat)

ऊष्मीय विस्तार (Thermal Expansion):

परिभाषा:

ऊष्मा के प्रभाव से पदार्थ का आयतन बढ़ना ऊष्मीय विस्तार कहलाता है।

विस्तार के प्रकार:
  1. रेखीय विस्तार (Linear Expansion):

    • ठोस की लंबाई में वृद्धि।
    • सूत्र: ΔL=L0⋅α⋅ΔT\Delta L = L_0 \cdot \alpha \cdot \Delta TΔL=L0​⋅α⋅ΔT
      • ΔL\Delta LΔL: लंबाई में वृद्धि
      • L0L_0L0​: प्रारंभिक लंबाई
      • α\alphaα: रेखीय विस्तार गुणांक
      • ΔT\Delta TΔT: तापमान में वृद्धि
  2. क्षेत्रीय विस्तार (Area Expansion):

    • सतह क्षेत्र में वृद्धि।
    • सूत्र: ΔA=A0⋅β⋅ΔT\Delta A = A_0 \cdot \beta \cdot \Delta TΔA=A0​⋅β⋅ΔT
      • β=2α\beta = 2\alphaβ=2α
  3. आयतन विस्तार (Volumetric Expansion):

    • ठोस या द्रव के आयतन में वृद्धि।
    • सूत्र: ΔV=V0⋅γ⋅ΔT\Delta V = V_0 \cdot \gamma \cdot \Delta TΔV=V0​⋅γ⋅ΔT
      • γ=3α\gamma = 3\alphaγ=3α

ऊष्मा और ऊष्मीय क्षमता (Heat and Thermal Capacity):

ऊष्मीय क्षमता (Thermal Capacity):
  • परिभाषा: किसी वस्तु का तापमान 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा।
  • सूत्र: C=m⋅cC = m \cdot cC=m⋅c
    • CCC: ऊष्मीय क्षमता
    • ccc: विशिष्ट ऊष्मा धारिता
    • mmm: द्रव्यमान
ऊष्मा का उपयोग:
  1. तापमान वृद्धि:
    • ऊष्मा की मात्रा सीधे तापमान परिवर्तन को प्रभावित करती है।
  2. दैनिक जीवन में उपयोग:
    • गीजर, एयर कंडीशनर, और प्रशीतक।

ऊष्मा और ऊर्जा संरक्षण का नियम:

ऊष्मा ऊर्जा के रूप में स्थानांतरित होती है, लेकिन इसका कुल मान अपरिवर्तित रहता है।

ऊष्मीय संतुलन (Thermal Equilibrium):
  • जब दो वस्तुएं ऊष्मा का आदान-प्रदान कर संतुलन अवस्था में आ जाती हैं।

ऊष्मा से संबंधित महत्वपूर्ण सूत्र:

विशेषतासूत्रSI इकाई
ऊष्माQ=m⋅c⋅ΔTQ = m \cdot c \cdot \Delta TQ=m⋅c⋅ΔTजूल (J)
गुप्त ऊष्माQ=m⋅LQ = m \cdot LQ=m⋅Lजूल (J)
रेखीय विस्तारΔL=L0⋅α⋅ΔT\Delta L = L_0 \cdot \alpha \cdot \Delta TΔL=L0​⋅α⋅ΔTमीटर (m)

ऊष्मा के दैनिक जीवन में उपयोग:

  1. पानी को गर्म करने में:
    • गुप्त ऊष्मा और विशिष्ट ऊष्मा का उपयोग।
  2. भवन निर्माण:
    • विस्तार के कारण पुलों और रेल पटरियों में गैप छोड़ा जाता है।
  3. औद्योगिक प्रक्रियाएँ:
    • धातु को गर्म करने और आकार बदलने में।

ऊष्मा और थर्मोडायनामिक्स (Thermodynamics)

थर्मोडायनामिक्स ऊष्मा, कार्य, और ऊर्जा के बीच संबंधों का अध्ययन है। इसके चार मूल सिद्धांत हैं जो ऊष्मा और ऊर्जा के नियमों को परिभाषित करते हैं।


थर्मोडायनामिक्स के नियम (Laws of Thermodynamics):

  1. शून्यवाँ नियम (Zeroth Law):

    • यदि दो प्रणालियाँ एक तीसरी प्रणाली के साथ ऊष्मीय संतुलन में हैं, तो वे एक-दूसरे के साथ भी ऊष्मीय संतुलन में होंगी।
    • यह तापमान को परिभाषित करने का आधार है।
  2. पहला नियम (First Law of Thermodynamics):

    • ऊर्जा का संरक्षण: ΔQ=ΔU+ΔW\Delta Q = \Delta U + \Delta WΔQ=ΔU+ΔW
      • ΔQ\Delta QΔQ: प्रणाली में जोड़ी गई ऊष्मा
      • ΔU\Delta UΔU: आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन
      • ΔW\Delta WΔW: प्रणाली द्वारा किया गया कार्य
    • ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
  3. दूसरा नियम (Second Law of Thermodynamics):

    • ऊष्मा हमेशा उच्च तापमान से निम्न तापमान की ओर प्रवाहित होती है।
    • कोई भी ऊष्मा इंजन 100%100\%100% दक्षता से कार्य नहीं कर सकता।
  4. तीसरा नियम (Third Law of Thermodynamics):

    • शून्य केल्विन (0 K0 \, K0K) पर, किसी आदर्श क्रिस्टल की एंट्रॉपी न्यूनतम होगी।

ऊष्मा इंजन (Heat Engine):

परिभाषा:

ऊष्मा इंजन वह यंत्र है जो ऊष्मा को कार्य में परिवर्तित करता है।

ऊष्मा इंजन के घटक:
  1. स्रोत (Source): उच्च तापमान से ऊष्मा प्रदान करता है।
  2. कार्य प्रणाली (Working Substance): ऊष्मा को कार्य में परिवर्तित करता है।
  3. सिंक (Sink): अवशिष्ट ऊष्मा को निम्न तापमान पर निष्कासित करता है।
ऊष्मा इंजन की दक्षता:
η=WQ1=Q1−Q2Q1\eta = \frac{W}{Q_1} = \frac{Q_1 - Q_2}{Q_1}η=Q1​W​=Q1​Q1​−Q2​​

जहाँ:

  • η\etaη: दक्षता (Efficiency)
  • Q1Q_1Q1​: स्रोत से प्राप्त ऊष्मा
  • Q2Q_2Q2​: निष्कासित ऊष्मा

रेफ्रिजरेटर और ऊष्मा पंप:

रेफ्रिजरेटर:
  • परिभाषा: ऐसा यंत्र जो ऊष्मा को निम्न तापमान से उच्च तापमान की ओर ले जाता है।
  • दक्षता का मापन: COP=Q2WCOP = \frac{Q_2}{W}COP=WQ2​​
    • Q2Q_2Q2​: निम्न तापमान से ली गई ऊष्मा
    • WWW: किया गया कार्य
ऊष्मा पंप:
  • परिभाषा: ऐसा यंत्र जो ऊष्मा को बाहर से अंदर की ओर खींचता है।
  • उपयोग: सर्दियों में भवन को गर्म करने के लिए।

ऊष्मा और ग्रीनहाउस प्रभाव:

  1. ग्रीनहाउस प्रभाव (Greenhouse Effect):

    • पृथ्वी के वायुमंडल में गैसों द्वारा विकिरित ऊष्मा का फंसना।
    • परिणामस्वरूप, पृथ्वी का तापमान बढ़ता है।
    • मुख्य गैसें: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2CO_2CO2​), मीथेन (CH4CH_4CH4​), जल वाष्प।
  2. वैश्विक ऊष्मीकरण (Global Warming):

    • ग्रीनहाउस गैसों की अधिकता के कारण पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ना।
    • प्रभाव:
      • ध्रुवीय बर्फ का पिघलना।
      • समुद्र का स्तर बढ़ना।
      • जलवायु परिवर्तन।
  3. ऊष्मा संरक्षण के उपाय:

    • ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग।
    • नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विकास।
    • वनों का संरक्षण।

ऊष्मा से संबंधित दैनिक जीवन के उदाहरण:

  1. भोजन पकाने में:
    • चालन, संवहन और विकिरण का उपयोग।
  2. हीटर और गीजर:
    • ऊष्मा उत्पादन के लिए ऊष्मा ऊर्जा का उपयोग।
  3. औद्योगिक प्रक्रियाएँ:
    • धातु पिघलाने और ढलाई में।
  4. वायुमंडलीय घटनाएँ:
    • हवाओं का चलना, समुद्र की धाराएँ।

ऊष्मा का सारांश:

विषयसूत्र/विवरण
ऊष्मा का सूत्रQ=m⋅c⋅ΔTQ = m \cdot c \cdot \Delta TQ=m⋅c⋅ΔT
गुप्त ऊष्माQ=m⋅LQ = m \cdot LQ=m⋅L
ऊष्मीय संतुलनतापमान में समानता होने पर।
थर्मोडायनामिक्स का पहला नियमΔQ=ΔU+ΔW\Delta Q = \Delta U + \Delta WΔQ=ΔU+ΔW
ऊष्मा इंजन की दक्षताη=Q1−Q2Q1\eta = \frac{Q_1 - Q_2}{Q_1}η=Q1​Q1​−Q2​​

निष्कर्ष:

ऊष्मा ऊर्जा के सबसे महत्वपूर्ण रूपों में से एक है, जो दैनिक जीवन और औद्योगिक प्रक्रियाओं का आधार है। ऊष्मा का अध्ययन न केवल ऊर्जा के संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह हमें ग्रीनहाउस प्रभाव और वैश्विक ऊष्मीकरण जैसे पर्यावरणीय मुद्दों को समझने में भी मदद करता है।

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